Epilepsy(Mirgi)

Epilepsy(Mirgi)

Epilepsy (मिर्गी) उस अवस्था का नाम है जिसमे व्यक्ति को कभी कभी दौरे आते है व् बाकि समय वह ठीक रहता है । यह बीमारी किसी भी आयु मे हो सकती है ।

कारण:-

मनुष्य की सभी शारीरिक गतिविधियां दिमाग द्धारा ही संचालित होती है । दिमाग एवम शरीर की कोशिकाओं के मध्य विधुतीय तरंगो का प्रवाह होता है । उसी वजह से हमारा शरीर दिमाग के अनुरूप ही विभिन्न कार्य करता है । लेकिन जब कभी मस्तिष्क मे असामान्य रूप से इन विधुतीय तरंगो का संचार होने लगता है तो मरीज को विशेष प्रकार के झटके लगते है और वह बेहोश हो जाता है । बेहोशी की अवधि कुछ सेकंड , मिनट या घंटो तक हो सकती है । उसके बाद रोगी सामान्य हो जाता है ।

अन्य कारण :-

ब्रेन ट्यूमर , नशीली दवाइयों का सेवन, अधिक शराब का सेवन, सिर मे चोट लगना आदि ।

उपचार :-

अंग्रेजी दवाइयों मे हम सिर्फ दौरों को रोक सकते है लेकिन उसके अगर 1 दिन भी दवाई न खायी जाये तो रोगी को दौरा आ जाता है । इस वजह से रोगी सालो साल अंग्रेजी दवाईयाँ खाता रहता है लेकिन कई बार दवाई खाने पर भी दौरा आ जाता है । इस वजह से अंग्रेजी दवाईयाँ सिर्फ रोगी को कुछ समय के लिए आराम ही दे सकती है लेकिन बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं कर पाती । निरोग आयुर्वेदिक सेंटर द्धारा विकसित की गयी। EFRT औषधि इस बीमारी की वजह को ही ठीक कर उस बीमारी को जड़ से ही खत्म कर देती है । इस औषधि की मुख्य विशेषता यह है कि यह दिमाग कि कोशिकाओं को ताकत देती है व् खून के दौरे को ठीक करती है , दिमाग की तरंगो को व्यवस्थित करके दौरों को ठीक कर देती है । जिससे की अंग्रेजी दवाइया धीरे – धीरे बंद हो जाती है और इस औषधि को कुछ महीने सेवन के बाद रोगी हमेशा के लिए ठीक हो जाता है ।

यह बात अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संसथान के प्रमुख डॉक्टरों से भी मांगी है कि Epilepsy (मिर्गी) मैं अंग्रेजी इलाज कि बजाए आयुर्वेदिक इलाज अधिक कारगर है । बाकी NAC का मुख्य उधेश्य उन रोगियों मैं विश्वास कायम करना है जो जगह – जगह से इलाज करवाकर अपना विश्वास खो चुके है । तथा उन्हे भंपगता से बचकर आत्म्यनिर्भर बनाना है । उसके लिए NAC अन्य चिकित्सको को भी आमन्त्रित करता है ।

दौरे के समय :-

दौरों कि अवधि कुछ सेकंड से लेकर २-३ मिनट तक या उससे अधिक भी हो सकती है ।

Special Note :-

Epilepsy (मिर्गी) के रोगी सामान्य कहना खा सकते है, अथवा उन्हे भोजन का परहेज नहीं रखना चाहिए । इस अवस्था मे व्रत , उपवास , रोजे आदि रखने से कुछ रोगियों मे दौरे बड़ सकते है, अंत इनसे बचना चाहिए ।

Epilepsy (मिर्गी) रोगी का विवाह हो सकता है अव वे प्रजनन भी कर सकते है उनके बच्चे स्वस्थ होंगे या उन्हे Epilepsy (मिर्गी) होने की अधिक संभावना नहीं होती । गर्भवती होने पर महिला को दौरे रोकने की गोलियां नियमित लेते रहना चाहिए । क्योंकि इन गोलियों से बुरा असर नहीं पड़ता। गोलिया खाने वाली स्तनपान भी करा सकती है ।